भिलाई : मुस्कुराते रहो योग ग्रूप व्दारा स्व. लाल बहादुर शास्त्री की मनाई गई पुण्यतिथि ...

  • 12-January-2021

भिलाई न्यूज़ ।  देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर नेहरू नगर (पूर्व) स्थित लाल बहादुर शास्त्री पार्क में शास्त्री जी की प्रतिमा के समक्ष सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करते हुए और सभी के हाथों को सेनेटाइज करके शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योगपति अजीत सिंह तथा शैलैन्द्र श्रीवास्तव उपस्थित थे। अध्यक्षता नरेन्द्र श्रीवास्तव ने की।

मुख्य अतिथि धर्मेंद्र मिश्रा ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में शास्त्री जी के त्याग, बलिदान स्वाभिमान एवं दृढसंकल्प की चर्चा की। उन्होंने कोरोना से बचाव हेतु मास्क एवं सोशल डिस्टेन्सिग के पालन पर बल दिया तथा भिलाई शहर को स्वच्छता रेटिंग में पहले स्थान पर लाने हेतु सभी से सहयोग करने हेतु अपील की। विशिष्ट अतिथि अजीत सिंह ने शास्त्री जी के साहस, राष्ट्रवाद, सादगीपूर्ण जीवन, आदर्श नेतृत्व की चर्चा की और उन्हें श्रेष्ठ नेता बताया। 

नरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि शास्त्री जी ने रेल दुर्घटना की जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री पद से इस्तीफा देकर आदर्श प्रस्तुत किया था। यह दुर्भाग्य है कि संदेहास्पद मृत्यु की सच्चाई आज तक देश के सामने नहीं रखी गई। उन्होंने धर्मेन्द्र मिश्रा एवं अजीत सिंह व्दारा समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए ,सत्प्रयासों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। विनय चंद्राकर ने जूनियर कमिशन आफीसर के रुप में कठिन परिस्थितियों में किये कार्यों से सम्बंधित अनेक संस्मरण सुनाए। शैलैन्द्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन  करते हुए कहा कि शास्त्री जी की निःस्वार्थ सेवा ने जन-जन पर अमिट छाप छोड़ी है, उनके व्दारा की गई सेवाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

इस अवसर पर उषा श्रीवास्तव (अध्यक्ष चित्रगुप्त मंदिर समिति), रीना सिंह, गोपाल साक्षी, ललिता परेता, श्रीकांत श्रीवास्तव, माहेश्वरी , देवब्रत देवांगन, लीना चंद्राकर, पराग श्रीवास्तव, बी.एल.असाठी एवं दुर्गा असाठी एवं अन्य गणमान्य नागरिकों  ने अपनी श्रध्दांजलि अर्पित की। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए नरेन्द्र श्रीवास्तव ने मुस्कुराते रहो योग ग्रूप व्दारा निःशुल्क योग कक्षाएं संचालित किए जाने की भूरि-भूरि प्रशंसा की । 


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